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बाल कविता ~ 006
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शुक्रवार, 27 नवंबर 2020
बाल कविता ~ मच्छर
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मच्छर रतिहा बेर कलेचुप आथे। कान तीर मा गुनगुन गाथे।। कोन सुते हे कोन ह जागत। भिथिया बइठे रहिथे ताकत।। आरो जब थोरिक नइ पावय। आके तुरते ...
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