Chhand Chhatrang

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गुरुवार, 26 नवंबर 2020

बाल कविता ~ बेटी

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बेटी जग मा गजब दुलौरिन बेटी। बड़ सजोर कमईलिन बेटी।। दया धरम चिन्हारी बेटी। पुरखा के रखवारी बेटी।। बिगड़े भाग  बनाथे बेटी। दू कुल मान बढ़ा...
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