Chhand Chhatrang

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शुक्रवार, 27 नवंबर 2020

बाल कविता ~ केरा

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चिरई चींव-चींव बड़ करथे चिरई। उँच अगास फुर्र-फुर्र फिरई।। मुँह मा भरके लावय चारा। पिलवा बीच करय बँटवारा।। इँखर खोंधरा रैन बसेरा। झेलय प...
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