Chhand Chhatrang

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गुरुवार, 26 नवंबर 2020

बाल कविता ~ बरखा

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बरखा~बाल कविता जब जब सावन भादो आथे। करिया-करिया  बादर  छाथे।। कड़कड़ कड़कड़ बिजली चमके। बरसय  बादर  जउँहर  जमके।। चूहय बहुते छानी परवा। छू...
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