Chhand Chhatrang

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गुरुवार, 26 नवंबर 2020

बाल कविता ~ बिहनिया

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बिहनिया होत बिहनिया कुकरा बासय। बड़े फजर  ले जम्मों जागय।। खोर गली मा छिटका गोबर। साफ  सफाई  सरग बरोबर।। चींव चाँव चिरई नरियावव। छानी ल...
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