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सोमवार, 7 जून 2021
जानव जनऊला ~ (1051-1100)
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1051- नोनी-बाबू खेलँय जान। खंभा दू गाड़ै मैदान।। आठ खिलाड़ी टीम बनाय। भागय तेला छू दँउड़ाय।। -खो-खो 1052- भुँइया मा ये खेले जाय। दाँव स...
शुक्रवार, 4 जून 2021
जानव जनऊला ~ (1001-1050)
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1001- लाली डब्बा हावै साँच। भीतर बहुते पींयर खाँच।। खाँचा मा बड़ मोती दाँत। खावँय जम्मों मजा उड़ाँत।। -अनार 1002- आजे भर उपयोगी जान। काली ब...
1 टिप्पणी:
सोमवार, 31 मई 2021
जानव जनऊला ~ (951-1000)
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951- सादा उज्जर एखर रंग। रहै शांत, नइ जानय उतलंग।। सिधवा जइसे एखर हाल। बहुते कपटी चतुरा चाल।। -कोकड़ा 952- रहिथे येहा ताते तात। राँधय ...
1 टिप्पणी:
रविवार, 30 मई 2021
जानव जनऊला ~ (901-950)
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901- तीन वर्ण ये सब ला भाय। बीच कटै ता फर बन जाय।। शुरू कटै प्रभु नाम कहाय। कटै अंत ता चीर मढ़ाय।। -आराम 902- फर अइसने के आँख मुँदाय। फ...
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