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चंद्रयान अभिमान
चंद्रयान ले नवा बिहान, हमर तिरंगा, बाढ़य शान। रोवर चलही दिन अउ रात, बने-बने बनही हर बात, दुनिया होगे अचरिज आज, भारत मुँड़़ अब सजगे ताज, ...
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आन अब, शान सब, हमर अभिमान हें। छंद के, बंध के, ग्यानी महान हें।। संग दय, रंग दय, हाथ ला थाम के। देव सम, हृदय नम, 'अरुण' गुरु ...
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1001- लाली डब्बा हावै साँच। भीतर बहुते पींयर खाँच।। खाँचा मा बड़ मोती दाँत। खावँय जम्मों मजा उड़ाँत।। -अनार 1002- आजे भर उपयोगी जान। काली ब...
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छत्तीसगढ़ चालीसा दोहा:- दाई के अँचरा भरे, ममता मया खदान । जय छतीसगढ़ नित कहत , करय अमित गुणगान ।। चौपाई:- जय जय छतीसगढ़ महतारी। महि...