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मंगलवार, 1 जून 2021
दुलरवा दोहा ~ चम्पारण
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चंपारण्य राजिम संगम तीर मा, हे चम्पारण धाम। प्रभु वल्लभ आचार्य के, जुड़े हवै शुभ नाम।। जनम धरिन एकादशी, महिना तब बैशाख। कृष्ण भक्त के अवत...
दुलरवा दोहा ~ तुरतुरिया
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तुरतुरिया जनमें लवकुश हा इहाँ, देव वाल्मिकी धाम। जघा इही पावन अमित, तुरतुरिया अब नाम।। बहथे गंगा सुरसरी, तुरतुर-तुरतुर बोल। जंगल झाड़ी बी...
दुलरवा दोहा ~ शिवरीनारायण
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शिवरीनारायण महानदी के संग मा, मिलै जोंक शिवनाथ। नर नारायण देवता, सदा नवावौं माथ।। सँवरा-सँवरी भक्त के, राखिन प्रभु हा लाज। शिवरीनारायण क...
दुलरवा दोहा ~ दंतेश्वरी दंतेवाड़ा
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दंतेश्वरी दंतेवाड़ा दंतेवाड़ा के तीर मा, जंगल ऊँच पहार। जय दाई दंतेश्वरी, तोर सजे दरबार।। देवी दाई श्री सती, इहाँ गिरे हे दाँत। एखर सेती य...
दुलरवा दोहा ~ डोंगरगढ़ धाम
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डोंगरगढ़ बमलई एक नगर कामावती, नाँव अमर इतिहास। कामकंदला माधवन, कलाकार इन खास।। कामसेन राजा रहिन, बिमला देवी पूत। संगीत कला के धनी, देवी भ...
शुक्रवार, 28 मई 2021
दुलरवा दोहा ~ भोरमदेव
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भोरमदेव.... मैकल पर्वत घाट मा, हावय छपरी गाँव। मंदिर भोरमदेव हे, शिवशंकर के ठाँव।। फनी नागवंशी इहाँ, राज पाट ल चलाय। सुग्घर शासन कर अमित...
दुलरवा दोहा ~ रतनपुर राज
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रतनपुर धाम रतनदेव राजा रहिन, बहुत समय के बात। राजवंश ये कलचुरी, होइन बड़ विख्यात।। गँय शिकार मा एक दिन, जंगल मणिपुर गाँव। रतिहाकुन विश्रा...
दुलरवा दोहा ~ सिरपुर धाम
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सिरपुर महिमा द्वापर युग के ये नगर, चित्रांगदपुर मान। महानदी के तीर मा, सिरपुर नगरी जान।। तइहा के हे बात ये, बबरूवाहन राज। अश्वमेध घोड़ा ध...
दुलरवा दोहा ~ राजिम धाम
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राजिम महिमा पावन बड़ छत्तीसगढ़, महिमा हवय बुलंद। पड़ते राजिम धाम हा, गरियस गरियाबंद।। महानदी के तीर मा, राजिम नगर बसाय। पैरी सोंढुर आ मिलै,...
मंगलवार, 25 मई 2021
दुलरवा दोहा ~ मोबाइल - घाटा
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मोबाइल महिमा~घाटा मोबाइल के बिन इहाँ, होय न एको काम। मोबाइल के लत अमित, जग ला करै गुलाम।। खाना-पीना छोड़ दँय, मुसुवा कूदय पेट। हर कीमत हर...
दुलरवा दोहा ~ मोबाइल - नफा
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मोबाइल महिमा~नफा मोबाइल महिमा अमित, हावय अपरंपार। सागर मा गागर भरे, पूजत हे संसार।। मोबाइल मा ज्ञान हे, थोरिक ध्यान लगाव। गूगल बाबा के ...
दुलरवा दोहा ~ बेजा कब्जा
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बेजा कब्जा बेजा कब्जा होत हे, गाँव शहर हर ठाँव। पाँव मढ़ावत नइ बनय, कइसे तोला बताँव।। चाकर चातर खोर गै, जस तइहा के बात। हिजगा पारी मा मरँ...
दुलरवा दोहा ~ जनसंख्या
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जनसंख्या जादा लइका राखहू, होहू जी हलकान। पूर कहाँ ले पारहू, नइ बाँचय धन धान।। दुब्बर पातर देंह हे, लिरी-लिरी लरियाय। खाय-पिये के हे कमी,...
दुलरवा दोहा ~ इंटरनेट
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इंटरनेट बड़ उपयोगी नेट हे, भरे ज्ञान भंडार।। घर बइठे सब जान लौ, खीसा मा संसार।। गूगल याहू ज्ञान दँय, सिरतों सुग्घर सोज। जब जइसे सब जान ल...
दुलरवा दोहा ~ नवा जमाना - टुरी
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नवा जमाना~ टुरी कइसन के फैशन करँय, टुरी पिलामन आज। पहिरै कपड़ा छोटका, देखत आवय लाज।। हिप्पी चुन्दी राखथें, बेनी ला कटवाय। दिखय टुरा मन अस...
दुलरवा दोहा ~ नवा जमाना-टुरा
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नवा जमाना~ टुरी कइसन के फैशन करँय, टुरी पिलामन आज। पहिरै कपड़ा छोटका, देखत आवय लाज।। हिप्पी चुन्दी राखथें, बेनी ला कटवाय। दिखय टुरा मन असन, न...
सोमवार, 24 मई 2021
दुलरवा दोहा ~ कविता काबर
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कविताई काबर कविता के किरगा भरे, कविवर तहूँ कहाय। किचिर-पिचिर लिखना करे, कतका नाँव कमाय।। रोज-रोज कविता अमित, लिखे कहाँ ले जाय। छलकै हिरद...
दुलरवा दोहा ~ तरिया
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तरिया जौन गाँव तरिया रहय, निस्तारी सब होय। जिहाँ कुआँ तरिया नहीं, माथ पकड़ सब रोय।। तरिया मा पानी रहय, प्राणी पियास बुझाय। मनखे खलखल ले अ...
दुलरवा दोहा ~ नँदिया
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नँदिया नँदिया जनमैं नानकुन, कोनो ऊँच पहार। आगू वो बढ़ते चलय, बढ़ते जावय धार।। पानी पूरा भर चलय, लहर-लहर लहराय। निर्मल जल सब ला मिलय, जिहाँ...
रविवार, 23 मई 2021
दुलरवा दोहा ~ खेती खार
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खेती खार अपने भुँइया मा गिरय, लहू पछीना धार। देव मान सेवा करव, अपने खेती खार।। खेती सरवन काज हे, जग के सेवा होय। पेट पलै सबके बने, भले ए...
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