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सोमवार, 26 जून 2023

बालगीत - स्कूल बलावत हे

स्कूल बलावत हे.... बालगीत

टन-टन घंटी बाजत हे। चल-चल, स्कूल बलावत हे।
पढ़ई-लिखई जिनगी हे।  सार बात समझावत हे।

टाँग पीठ मा बस्ता, नइ हे दुरिहा रस्ता।
खाँध जोर सँगवारी, चलव स्कूल सरकारी।
भरती तिहार चलत हवय, सबके नाव लिखावत हे।
टन-टन घंटी बाजत हे। चल-चल, स्कूल बलावत हे।

कापी, किताब मिलही , नवा ड्रेस, तन खिलही।
तात भात सब खाहू, खेले कूदे पाहू।
नइ लागय पइसा-कौड़ी, सरकार ह समझावत हे।
टन-टन घंटी बाजत हे। चल-चल, स्कूल बलावत हे।

मुस्कात लाइब्रेरी, कविता, कहिनी ढेरी।
जतके जादा पढ़हू, वतके आगू पढ़हू।
लीपे-पोते विद्यालय, मन ला गजब लुहावत हे।
टन-टन घंटी बाजत हे। चल-चल, स्कूल बलावत हे।
पढ़ई-लिखई जिनगी हे।  सार बात समझावत हे।
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सर्जक- कन्हैया साहू 'अमित' - 9200252055

मंगलवार, 16 मई 2023

बालगीत - आवव खाबो गुपचुप

बालगीत - आवव खाबो गुपचुप

अल्लू-बल्लू, अमलू-रमलू, आवव खाबो गुपचुप।
सरदी-खाँसी के डर नइ हे, बइठव झन तुम चुपचुप।।

देख सँझौती बेरा सुग्घर, घर ले बाहिर निकलव।
अमसुर-गुरतुर सेवाद भरे, थोर-थोर सब चिखलव।।
अमली पानी मिला-मिला के, मुँह मा डारव गुपगुप।
अल्लू-बल्लू, अमलू-रमलू, आवव खाबो गुपचुप।।-1

कोनो खावव चाट बना के,  मटर, मसाला डारे।
तुरतेताही तात-तात बड़, झन पुछ येखर बारे।।
मन होथे बस खाते जावँव, सरपट सँइया टुपटुप।।
अल्लू-बल्लू, अमलू-रमलू, आवव खाबो गुपचुप।।-2

भेल, पापड़ी, आलू टिकिया, गजब मिठाथे नड्डा।
आनी-बानी खाये खातिर, चलव चलिन चौगड्डा।।
हाथ लमा के जम्मों खाथें, कहन न कोनो छुप छुप।।
अल्लू-बल्लू, अमलू-रमलू, आवव खाबो गुपचुप।।-3 

सरदी-खाँसी के डर नइ हे, बइठव झन तुम चुपचुप।
अल्लू-बल्लू, अमलू-रमलू, आवव खाबो गुपचुप।।....

सृजन- कन्हैया साहू 'अमित'✍️
शिक्षक- भाटापारा छत्तीसगढ़ ©®

रविवार, 30 अप्रैल 2023

बालगीत - नानी के घर जाबो

बालगीत - नानी के घर जाबो

छुट्टी होगे गरमी के अब, नानी के घर जाबो।
पढ़ना-लिखना छोड़ अभी हम, नँगते मजा उड़ाबो।।

पोठ करे हन पढ़ई-लिखई, हालत होगे खस्ता।
निपट परीक्षा गेहे जम्मों, थीरथार हे बस्ता।
बेर चढ़त ले नींद भाँजबो, सपना सुघर सजाबो।
छुट्टी होगे गरमी के अब, नानी के घर जाबो।-1

खीर तसमई संग करौनी, मिलही दूध, महेरी।
गाय, भँइस के पाछू फिरबो, पाबो बछिया, छेरी।
मलर-मलर मनमाने करबो, इँतरौना इँतराबो।
छुट्टी होगे गरमी के अब, नानी के घर जाबो।-2

बारी-बरछा बइठ बिलमबो, थाँघा झूलना डारे।
आनी-बानी फर हम खाबो, भले पेट ला झारे।
नरवा-नदियाँ, तरिया-डबरी, मनभर डुबक नहाबो।
छुट्टी होगे गरमी के अब, नानी के घर जाबो।-3

ममा पुरोही खँगती-बढ़ती, मामी मया जताही।
गोठ सुजानिक नाना करके, बढ़िया बात बताही।
संग समो के सब ला संगी, सिरतों समझ बढ़ाबो।
छुट्टी होगे गरमी के अब, नानी के घर जाबो।-4
पढ़ना-लिखना छोड़ अभी हम, नँगते मजा उड़ाबो।।

सृजन- कन्हैया साहू 'अमित'
शिक्षक- भाटापारा छत्तीसगढ़
गोठबात - 9200252055
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शनिवार, 29 अप्रैल 2023

बाल गीत - पटपट पटपट पिटिर पटिर

बाल गीत

पटपट पटपट पिटिर पिटिर,
सिटसिट सिटसिट सिटिर सिटिर।

उमड़ै घुमड़ै बादर करिया,
बरसै बरखा भाँठा, परिया।
लइका भागँय गदबिद-बदबिद,
बूँद गिरै जब रदरिद-रदरिद।
कीच कीच बड़ किचिर-किचिर,
पटपट पटपट पिटिर पिटिर।

टपटप चूहय छानी-परवा,
नवा जवानी नदियाँ-नरवा।
चींव चाँव चट चिरई चुरगुन,
रतिहा झींगुर रुनझुन रुनझुन।
लुहुर-लुहुर अउ लिबिर-लिबिर,
पटपट पटपट पिटिर पिटिर।

हवा  गरेरा  सरसर-सरसर।
पान पतोरा फरफर-फरफर।
बिजली चमकै झमझम-झमझम,
बादर  बाजय  दमदम-दमदम।
झरय झड़ी झक झिमिर झिमिर,
पटपट पटपट पिटिर पिटिर।

सृजन- कन्हैया साहू 'अमित'©®
शिक्षक- भाटापारा छत्तीसगढ़
गोठबात - 9200252055

चंद्रयान अभिमान

चंद्रयान  ले  नवा  बिहान,  हमर तिरंगा, बाढ़य शान। रोवर चलही दिन अउ रात, बने-बने बनही  हर  बात, दुनिया होगे अचरिज आज, भारत मुँड़़ अब सजगे ताज, ...